पटना: 29 मई का दिन बिहार की राजधानी पटना के लिए ऐतिहासिक बनने जा रहा है। “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना आ रहे हैं। इस अवसर पर वे करीब 50 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई 16 से अधिक विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। पांच महीने के भीतर पीएम मोदी की यह चौथी बिहार यात्रा है, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और सुशासन के प्रति उनके विश्वास को दर्शाती है।
डबल इंजन सरकार दे रही विकास की गारंटी: सम्राट चौधरी
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री की इस यात्रा को बिहार के लिए एक “विशेष अवसर” बताया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार राज्य को रोजगार और तेजी से विकास की पक्की गारंटी देती है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी का पटना और विक्रमगंज आगमन जनता में विशेष उत्साह पैदा कर रहा है।
प्रधानमंत्री की यात्रा: पूर्वी भारत को विकास की मुख्यधारा में लाने का प्रयास
सम्राट चौधरी ने कहा कि 29 और 30 मई को होने वाले इस दो दिवसीय दौरे में पीएम मोदी 50 हजार करोड़ की लागत वाली 16 से अधिक विकास योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। यह न केवल बिहार के प्रति उनके विशेष लगाव का संकेत है, बल्कि पूर्वी भारत को विकास की मुख्यधारा में लाने के उनके संकल्प का भी प्रमाण है।
बिहार के 20 जिलों को मिली सड़कों और पुलों की सौगात
डिप्टी सीएम चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और प्रशासनिक कुशलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य के 20 जिलों में 367.94 करोड़ की लागत से सड़कों और पुलों की योजनाएं स्वीकृत की हैं। इन योजनाओं के तहत 103 नए पुल और 5 ग्रामीण सड़कें बनाई जाएंगी, जिससे गांवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाएं बेहतर तरीके से पहुंच सकेंगी।
नबीनगर में थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास
इस भव्य आयोजन के तहत प्रधानमंत्री मोदी औरंगाबाद जिले के नबीनगर में 29,947.91 करोड़ की लागत वाले थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास भी करेंगे। यह एनटीपीसी का देश में दूसरा सबसे बड़ा विद्युत उत्पादन संयंत्र होगा और इससे बिहार को 1500 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा बिहार के विकास की दिशा में एक नया अध्याय लिखने जा रही है, जिससे राज्य में बुनियादी ढांचे, रोजगार और सुविधाओं के विस्तार को गति मिलेगी।